Monday, June 17, 2024
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India Biggest Scandal: भारत के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल की कहानी जो दिल दहला देगी, 100 लड़कियों का रेप और नेताओं का घिनौना काम

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India News Rajasthan (इंडिया न्यूज़), India Biggest Scandal: 1992 में अजमेर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। ये मामला सामूहिक बलात्कार की घटना से जुड़ा है, जहां राजनीतिक रूप से प्रभावशाली अपराधियों द्वारा 100 से भी ज्यादा लड़कियों के साथ बलात्कार किया गया, उनका वीडियो बनाया गया और उन्हें ब्लैकमेल किया गया। इस कांड के मास्टरमाइंड यूथ कांग्रेस के नेता फारूक चिश्ती, नफीस चिश्ती और अनवर चिश्ती थे।

स्कैंडल में शामिल थे बड़े नाम

जानें मानें खादिम परिवार के फारूक और नफीस चिश्ती, जो अजमेर शरीफ दरगाह की देखरेख के लिए जिम्मेदार थे, का इस स्कैंडल में बड़ा नाम सामने आया। ये उन युवकों के एक समूह का नेतृत्व करते थे जो युवतियों को लालच देते थे, सामूहिक बलात्कार करते थे और ब्लैकमेल करते थे। इस केस में कई नेता और सरकारी अधिकारी भी शामिल थे।

एक-एक करके ले जाया गया फार्महाउस 

कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि जांच में पता चला कि फारूक चिश्ती ने अजमेर के सोफिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल की एक युवती से दोस्ती की और उसकी अश्लील तस्वीरें लीं। बाद में उसने उसे अपने स्कूल के दोस्तों से मिलवाने के लिए ब्लैकमेल किया, जिन्हें बाद में एक-एक करके फार्महाउस में ले जाया गया। चिश्तियों के नेतृत्व में युवकों द्वारा फार्महाउस में लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उन्हें शिकायत दर्ज कराने से रोकने के लिए आपत्तिजनक स्थिति में तस्वीरें खींची गईं। समाचार रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि 250 से अधिक पीड़ित लड़कियों की उम्र 11-20 वर्ष के बीच थी।

लड़कियों ने एक साथ किया सुसाइड

जिन लड़कियों की तस्वीरें ली गईं उनमें से कई ने आत्महत्या कर ली। एक साथ 6-7 लड़कियों के मरने के बाद न तो समाज सामने आया और न ही उनके परिवार वाले। लड़कियों ने ये कदम डिप्रेशन के चलते इन उठाया था। एक ही स्कूल की इतनी लड़कियों के आत्महत्या करना केस को सामने लाने में मददगार रहा। हालांकि लोगों ने इस गिरोह में शामिल लोगों के नेताओं से संबंध होने के कारण कुछ नहीं बताया।

आरोपियों की हुई पहचान

बाद में एक एनजीओ की जांच में फोटो और वीडियो के जरिए तीस लड़कियों के चेहरों की पहचान की गई। एनजीओ  ने इनके पास जाकर उनसे बात की और मुकदमा दर्ज कराने को कहा। लेकिन समाज में कलंक के डर से कई परिवारों ने इनकार कर दिया। केवल बारह लड़कियां ही केस दायर करने को राजी हुईं। बाद में धमकियां मिलने के बाद दस लड़कियां पीछे हट गईं। बाकी दो लड़कियों ने केस को आगे बड़ाकर 16 आदमियों की पहचान की। जिसके बाद पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया।

केस की टाइमलाइन

  • 1992 में केस का खुलासा हुआ, लड़कियों द्वारा आरोपियों की पहचान करने के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया
  • 1994 में एक आरोपी पुरूषोत्तम ने जमानत से रिहा होने के बाद आत्महत्या कर ली
  • 6 साल बाद केस का पहला फैसला जिसमें आया अजमेर जिला कोर्ट ने आठ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई
  • इस बीच फारूक चिश्ती अपना मानसिक संतुलन खो बैठा, जिसके कारण उनका मुकदमा लंबित हो गया
  • बाद में जिला अदालत ने चार आरोपियों की सजा कम कर दी और उन्हें दस साल जेल की सजा सुनाई
  • सजा कम होने के बाद राजस्थान सरकार ने इस दस साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की वहीं आरोपियों ने भी इसे एससी में चैलेंज किया
  • सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार और आरोपी दोनों की फाइलें खारिज कर दीं
  • 2012 में सलीम नफीस 19 साल बाद पकड़ा गया, जमानत पर आने के बाद से उसकी कोई खबर नहीं है

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